34 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है;
उसकी करुणा सदा की है।
35 और यह कहो, "हे हमारे उद्धार करनेवाले परमेश्वर हमारा उद्धार कर,
और हमको इकट्ठा करके अन्यजातियों से छुड़ा,
कि हम तेरे पवित्र नाम का धन्यवाद करें,
और तेरी स्तुति करते हुए तेरे विषय बड़ाई करें। (भज. 106:47)
36 अनादिकाल से अनन्तकाल तक इस्राएल का
परमेश्वर यहोवा धन्य है।"
तब सब प्रजा ने "आमीन" कहा: और यहोवा की स्तुति की। (भज. 106:48)