9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी, याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और परमेश्वर की निज प्रजा हो, इसलिए कि जिसने तुम्हें अंधकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। (निर्ग. 19:5,6, व्यव. 7:6, व्यव. 14:2, यशा. 9:2)
10 तुम पहले तो कुछ भी नहीं थे,
पर अब परमेश्वर की प्रजा हो;
तुम पर दया नहीं हुई थी
पर अब तुम पर दया हुई है। (होशे 1:10, होशे 2:23)