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2 Timóteo 2

उततम

1 इसलि, उस अनरह मसें ै, बलवना। 2 और ें बहगवों मनझसैं, उनें िमनों ौंे; औरों िों। 3 मसअचसमुःउठ2:3 अच्छे योद्धा के समान मेरे साथ दुःख उठा: प्रेरित मानते है कि सुसमाचार के सेवक दुःख उठाने के लिये बुलाए गए है, और यही कारण हैं कि उसे एक अच्छे सिपाही की तरह दुःख उठाने के लिये तैयार रहना चाहिए।4 जब लड़ापर ै, इसलिि अपनवरिअधिरसनकरे, अपनआपकों ें नहीं 5 िअख़े ें लडयदि िि अनलड़े नहीं ा। 6 िपरिरम करतै, फल पहलउसिलनि7 ैं कहतूँ, उस पर और रभसब ों समझ ा। 8 मसमरण रख, ऊद , और मरें उठा; और यह समअनै। 9 िसकिैं करसमुःउठूँ, यहाँ तक ि ूँ; परनपरमवर वचन नहीं2:9 परमेश्वर का वचन कैद नहीं: सुसमाचार समृद्ध किया गया था और वह लिखित और कैद नहीं किया जा सका।10 इस रण ैं ों िसब सहतूँ, ि उस उदमसें ैं अननमहिँ। 11 यह सच ै, ि

यदि हम उसकमर गए ैं उसकी।

12 यदि हम रज सहतरहेंे, उसककरेंे;

यदि हम उसकइनकरेंवह हमइनकरा।

13 यदि हम िसघों वह िसयबनरहतै,

ोंि वह आप अपनइननहीं कर सकता। (1 ि. 5:24)

उततम गर

14 इन ों ि उनें िा, और रभमनिे, ि शबों पर तरक-वितरिकरें, िनसनहीं ा; वरनननिगडैं। 15 अपनआपकपरमवर रहणयऔर ऐसकरनठहररयतकर, लजि, और सतवचन ि ें ो। 16 पर अशबकवबचरह; ोंि ऐसऔर अभकि ें बढे। 17 और उनकवचन सड़े-तरह लतएगा: िनयऔर िउनीं ें ैं, 18 यह कहकर ि नरसतभटक गए ैं, और ितनों िउलट-पलट कर ैं। 19 परमवर पकींबनरहतै, और उस पर यह लगै: "रभअपनों पहचनतै," और "रभै, वह अधरबचरहे।" (नहू. 1:7)

20 बड़े घर ें वल े-ाँे, पर और िबरतन ैं; ई-कआदर, और ई-कअनदर िे। 21 यदि अपनआपकइनसकरा, वह आदर , और पविठहरा; और आएगा, और हर भलिा। 22 जवअभि; और मन रभैं, उनकिकता, और ि, और , और ल-मिकर23 पर खता, और अवििों अलग रह; ोंि नतै, ि इनसझगड़े ैं। 24 और रभझगड़ानहीं ि, पर सब मल और िें ि, और सहनशो। 25 और ििों नमरतसमझ, परमवर उनें मन िमन े, ि सतपहचें। 26 और इसकइचकरनिसचकर ँ।

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