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Atos 7

महसभें िफनषण

1 तब महजक कहा, "ें सतै?"

2 उसनकहा, "इयों, और िो, हमिअबहम ें बसनपहलजब िें ा; मय परमवर उसदरशन िा। 3 और उससकहा, अपनऔर अपनिकलकर उस ें चला, िैं िा।’ (उत. 12:1) 4 तब वह कसदिों िकलकर ें बसा; और उसकिपरमवर उसकवहाँ इस ें कर बसिसमें अब बसतो, (उत. 12:5) 5 और परमवर उसकिसत ी, वरनरखनभर उसमें जगह ी, यदयपि उस समय उसका। िरतिी, ैं यह , और कर ूँा।’ (उत. 13:15, उत. 15:18, उत. 16:1, उत. 24:7, यव. 2:5, यव. 11:5) 6 और परमवर यह कहा, सनपरें परदोंे, और उनें बने, और वरतक ुःेंे।’ (उत. 15:13,14, ि. 2:22) 7 िपरमवर कहा, िि ोंे, उसकैं दणूँा; और इसकिकलकर इसजगह करेंे।’ (उत. 15:14, ि. 3:12) 8 और उसनउससखतन ाँी; और इसदशें इसहउससउतपन; और आठवें िउसकखतनिगया; और इसहऔर रह लपति उतपन(उत. 17:10,11, उत. 21:4)

9 "और लपतिों ईरकरकउसिों ा; परनपरमवर उसका। (उत. 37:11, उत. 37:28, उत. 39:2,3, उत. 45:4) 10 और उसउसकसब ों ़ाकर ि़िआगअनरह और ि ी, उसनउसिपर और अपनघर पर यपठहरा। (उत. 39:21, उत. 41:40, उत. 41:43, उत. 41:46, भज. 105:21) 11 तब िऔर कनें अकपड़ा; िसस, और हमवजों अननहीं िलता। (उत. 41:54,55, उत. 42:5) 12 परनयह नकर, ि िें अनै, हमवजों पहला। (उत. 42:2) 13 और सरअपनइयों पर रगट गया, और ि ़िगई(उत. 45:1, उत. 45:3, उत. 45:16) 14 तब अपनिऔर अपनो, पचहततर यकि े, ा। (उत. 45:9-11, उत. 45:18,19, ि. 1:5, यव. 10:22) 15 तब िें गया; और वहाँ वह और हमवज मर गए(उत. 45:5,6, उत. 49:33, ि. 1:6) 16 उनकशव ें पहुँकर उस कबें रखगए, िअबहम ाँकर ें हमसनिा। (उत. 23:16,17, उत. 33:19, उत. 49:29,30, उत. 50:13, यहो. 24:32)

17 "परनजब उस रतिसमय िकट आया, परमवर अबहम ी, िें बढगए; और बहगए18 तब िें सरनहीं नता। (ि. 1:7,8) 19 उसनहमि चतकरकहमपदों यहाँ तक यवहिा, ि उनें अपनलकों ेंपड़ा ि िरहें। (ि. 1:9,10, ि. 1:18, ि. 1:22) 20 उस समय जन; और वह परमवर ि ें बहदर ा; और वह महतक अपनिघर ें गया। (ि. 2:2) 21 परनजब ेंिगय़िउसउठिा, और अपनकरका। (ि. 2:5, ि. 2:10) 22 और ििों िपढ़ागई, और वह वचन और ों ें मरा।

23 "जब वह वर, उसकमन ें आयि अपनइसएलइयों ेंकरे। (ि. 2:11) 24 और उसनएक यकि पर अनखकर, उसबचा, और िरकर सतपलटिा। (ि. 2:12) 25 उसना, ि उसकसमझेंि परमवर उसकों उनकउदकरा, परनउनोंसमझा। 26 सरिजब इसएलआपस ें लडरहे, वह वहाँ पहुँा; और यह कहकर उनें करनिसमझा, ि ों, ई-भो, एक सरपर ों अनकरतो?’ 27 परनअपनपड़ोपर अनकर रहा, उसनउसयह कहकर धकिा, िसनहम पर अधिपति और ठहरै? 28 िि कल िलनहतै?’ (ि. 2:13,14) 29 यह नकर, और िें परदकर रहनलगा: और वहाँ उसकउतपन(ि. 2:15-22, ि. 18:3,4)

30 "जब वरगए, एक वरगदपहगल ें उसजलत़ी ें दरशन िा। (ि. 3:1) 31 उस दरशन खकर अचमिा, और जब खनिगया, रभयह ी, (ि. 3:2,3) 32 ैं वज, अबहम परमवर, इसहपरमवर और परमवर ूँ।’ तब ाँउठा, यहाँ तक ि उसखनहस रहा। 33 तब रभउससकहा, अपनाँों उते, ोंि िजगह खड़ा ै, वह पविि ै। (ि. 3:5) 34 ैंसचमअपनों दशिें ै, ै; और उनकआहें और उनकिै; इसलिउनें ़ािउतरूँ। अब , ैं िें ूँा। (ि. 2:24, ि. 3:7-10)

35 "िउनोंयह कहकर नका, िसनहम पर अधिपति और ठहरै?’ उसपरमवर अधिपति और ़ाठहरकर, उस वरगदिसनउस़ी ें दरशन िा, ा। (ि. 2:14, ि. 3:2) 36 यहयकि िऔर समऔर गल ें वरतक अदऔर िििकर उनें िा। (ि. 7:3, ि. 14:21, ि. 14:33) 37 यह वहै, िसनइसएलिों कहा, परमवर इयों ें िएक भवियदवकउठएगा।’ (यव. 18:15-18) 38 यह वहै, िसनगल ें मणडलउस वरगदपहपर उससें ी, और हमवजों ा, उसिवचन िे, ि हम तक पहुँ(ि. 19:1-6, ि. 20:1-17, यव. 5:4-22, यव. 9:10,11) 39 परनहमवजों उसकनना; वरनउसकरकर अपनमन िओर े, (ि. 23:20,21, ि. 14:3,4) 40 और कहा, हमिऐसवतबना, हमआगे-आगचलें; ोंि यह हमें ििा, हम नहीं नतउस?(ि. 32:1, ि. 32:23) 41 उन िों ें उनोंएक बछड़ा बनकर, उसकरत आगबलि चढ़ाा; और अपनों ों ें मगन लगे। (ि. 32:4,6) 42 अतपरमवर ुँकर उनें ि, ि आकशगण ें, भवियदवकतक ें िै,

इसएल घरे,

गल ें वरतक पशबलि और अननबलि

चढ़ारहे? (ि. 7:18, ि. 8:2, ि. 19:13)

43 और तम

और िवतििरते,

अरउन िों िें दणडवतकरनिबना।

अतैं ें परकर बसा।’ (आमो. 5:25,26)

44 "तमगल ें हमवजों ें ा; उसनठहरा, िसनकहा, आकै, उसकअनइसबना।’ (ि. 25:1-40, ि. 25:40, ि. 27:21, ि. 1:50) 45 उसतमहमवजों वककर यहयहाँ आए; िसमय ि उनोंउन अनयजिों पर अधिा, िें परमवर हमवजों मनििा, और वह ऊद समय तक रहा। (यहो. 3:14-17, यहो. 18:1, यहो. 23:9, यहो. 24:18) 46 उस पर परमवर अनरह िा; अत: उसनिनति वह परम्‍वर ििस-सबन(2 शमू. 7:2-16, 1 ा. 8:17,18, 1 इति. 17:1-14, 2 इति. 6:7,8, भज. 132:5) 47 परनउसकिघर बना। (1 ा. 6:1,2, 1 ा. 6:14, 1 ा. 8:19,20, 2 इति. 3:1, 2 इति. 5:1, 2 इति. 6:2, 2 इति. 6:10) 48 परनपरमपरधबनघरों ें नहीं रहता, ि भवियदवककहा,

49 रभकहतै, वरिंसन

और ाँों तलै,

ििरकघर बनओगे?

और िा?

50 सब वसबननहीं?’ (यशा. 66:1,2)

51 "हठे, और मन और खतनरहिों, सदपविआतिकरतो। वज करते, करतो। (ि. 32:9, . 26:41, ि. 27:14, यशा. 63:10, ि. 6:10, ि. 9:26) 52 भवियदवकें िसकवजों नहीं सता? और उनोंउस धरआगमन वकसनों ा, और अब उसकपकडऔर लन(2 इति. 36:16) 53 वरगदों ठहरयवस, परनउसकलन नहीं िा।"

िफनहत

54 ें नकर िऔर उस पर ाँसनलगे। (अयू. 16:9, भज. 35:16, भज. 37:12, भज. 112:10) 55 परनउसनपविआतपरिकर वरओर और परमवर महि और परमवर िओर खड़ा खकर 56 कहा, "ों, ैं वर, और मनपरमवर िओर खड़ा खतूँ।" 57 तब उनोंबड़े शबिकर बनकर ि, और एक िकर उस पर झपटे। 58 और उसनगर हर िलकर पथरकरनलगे, और गवों अपनकपड़े ऊल मक एक जवाँों उतकर रखे। 59 और िफनपथरकरतरहे, और वह यह कहकर थनकरतरहा, "रभु, आतरहण कर" (भज. 31:5) 60 िटनककर शबा, "रभु, यह उन पर मत लगा।" और यह कहकर गया।

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