21 और मसीह के भय से एक दूसरे के अधीन रहो*5:21 एक दूसरे के अधीन रहो: जीवन के विभिन्न सम्बंधों में अधीनता को बनाए रखें।।
21 और मसीह के भय से एक दूसरे के अधीन रहो*5:21 एक दूसरे के अधीन रहो: जीवन के विभिन्न सम्बंधों में अधीनता को बनाए रखें।।