पवित्र तम्बू
1 "फिर निवास-स्थान26:1 निवास-स्थान: स्वयं निवास-स्थान में करूबों के चित्र कढ़े हुए बटे महीन मलमल के कपड़े के पर्दे थे, और पवित्रस्थान तथा अति पवित्रस्थान को खड़ा करने के लिए तख्तो का ढांचा था। के लिये दस पर्दे बनवाना; इनको बटी हुई सनीवाले और नीले, बैंगनी और लाल रंग के कपड़े का कढ़ाई के काम किए हुए करूबों के साथ बनवाना।
7 "फिर निवास के ऊपर तम्बू का काम देने के लिये बकरी के बाल के ग्यारह पर्दे बनवाना। 14 फिर तम्बू के लिये लाल रंग से रंगी हुई मेढ़ों की खालों का एक ओढ़ना और उसके ऊपर सुइसों की खालों का भी एक ओढ़ना बनवाना।
15 "फिर निवास को खड़ा करने के लिये बबूल की लकड़ी के तख्ते बनवाना।
पवित्र तम्बू का भीतरी भाग
31 "फिर नीले, बैंगनी और लाल रंग के और बटी हुई सूक्ष्म सनीवाले कपड़े का एक बीचवाला परदा बनवाना; वह कढ़ाई के काम किए हुए करूबों के साथ बने। 33 और बीचवाले पर्दे को अंकड़ियों के नीचे लटकाकर, उसकी आड़ में साक्षीपत्र का सन्दूक भीतर ले जाना; सो वह बीचवाला परदा तुम्हारे लिये पवित्रस्थान को परमपवित्र स्थान से अलग किए रहे।