Pular para o conteúdo
Publicidade

निर्गमन 9

ाँचविपति - पश

1 ियहकहा, "़िकर कह, इबिों परमवर यहइस रककहतै, ि रजों े, ि उपसनकरें। 2 और यदि उनें और अब पकड़े रहे, 3 , ़े, गदहे, , य-ब, ़-बकरआदि पशें ैं, उन पर यहऐसपड़ेि बहमरी। 4 परनयहइसएलिों पशें और ििों पशें ऐसअनतर करि इसएलिों ैं उनमें मरा।’" 5 ियहयह कहकर एक समय ठहरा, "ैं यह इस ें कल करूँा।" 6 सरियहऐसिा; और िसब पशमर गए, परनइसएलिों एक पशमरा। 7 और ़िों ा, पर इसएलिों पशें एक नहीं मरा। ़िमन कठगया, और उसनउन ों िा।

छठवीं िपति - फफों और ़ों िकलन

8 ियहऔर कहा, "ों भटें एक-एक 9:8 भटें एक-एक : यह िपषरतमक ी, उस आकओर उड़ाा, और इस रकिवती। ो, और उस़िमनआकओर उड़ा े। 9 तब वह कर िें मनों और पशों पर फफऔर ़े बन एगी।" 10 इसलिभटें कर ़िमनखड़े , और उसआकओर उड़ा िा, और वह मनों और पशों पर फफऔर ़े बन गई11 उन ़ों रण गर मनखड़े रह सके, ोंि ़े सब ििों गरों िकले। 12 तब यह़िमन कठकर िा, और यहकहा, उसनउसकी। (. 9:18)

तवीं िपति - ओलों वर

13 ियहकहा, "सवउठकर ़िमनखड़ा ो, और उससकह, इबिों परमवर यहइस रककहतै, ि रजों े, ि उपसनकरें। 14 नहीं अब ैं पर, और करमचिों और रजपर सब रकिपतिाँ ूँा, िससि पर सरनहीं ै। 15 ैंअभबढ़ाकर और रजमरा, और पर सतगया; 16 परनसचमैंइसरण बनरख9:16 ैंइसरण बनरखै: परमवर अपनउदतक ि़ििऔर रखा। ि अपनमरिँ, और अपनपर रसिकरूँ। (रका. 9:17) 17 अब रजमनअपनआपकबड़ा समझतै, और उनें नहीं ा? 18 , कल ैं इससमय ऐसी-ओलबरसा, ि िनकिींपडिकर अब तक कभनहीं पड़े। 19 इसलिअब ों जकर अपनपशऔर ें सब आडें िे; नहीं ितनमनपशें रहें और घर ें इकटिउन पर ओलिेंे, और मर े।’" 20 इसलि़िकरमचिों ें यहवचन भय नतउनोंअपने-अपनवकों और पशघर ें ाँिा। 21 पर िोंयहवचन पर मन लगउनोंअपनवकों और पशें रहनिा।

22 तब यहकहा, "अपनआकओर बढ़ा ि िमनों, पशऔर ों उपज पर ओलिें।" 23 तब अपनआकओर उठा; और यहमरगरजनऔर ओलबरसनलगे, और आग तक आतरही। इस रकयहिपर ओलबरसँ। 24 ओलिरतउनकआग िी, और ओलइतनि जब िबसतब िभर ें ऐसओलकभिे। (रका. 8:7, रका. 11:19) 25 इसलििभर ों ें मन, पशु, ितनसब ओलों गए, और ओलों उपज नषगई, और सब गए26 वल रदें जहाँ इसएलबसतओलनहीं िे।

27 तब ़िऔर लवऔर उनसकहा, "इस ैंिै; यहधरै, और ैं और रजअधरैं। 28 ों गरजनऔर ओलों बरसनबहगया; अब यहिनतकरो; तब ैं ों ूँा, और ओगे।" 29 उससकहा, "नगर िकलतैं यहओर ा, तब दल गरजनबनएगा, और ओलििेंे, इससि यह9:29 यहै: इस षणसमिधविै।30 ैं नतूँ, ि और करमचयहपरमवर भय ेंे।" 31 सन और ओलों गए, ोंि ें िकल ीं और सन ें लगे। 32 पर ूँ और कठिूँ बढ़े े, इस रण गए33 जब ़िनगर हर िकलकर यहओर , तब दल गरजनऔर ओलों बरसनबन, और िबहेंि पर पड़ा। 34 यह खकर ि ेंऔर ओलों और दल गरजनबनगय़िअपनकरमचिों समिअपनमन कठकरकिा। 35 इस रक़िमन हठगया, और उसनइसएलिों िा; ि यहकहलवा।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também