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निर्गमन 33:12-17

IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

मूसा को यहोवा की महिमा का दर्शन

12 और मूसा ने यहोवा से कहा, "सुन तू मुझसे कहता है, ‘इन लोगों को ले चल;’ परन्तु यह नहीं बताया कि तू मेरे संग किसको भेजेगा। तो भी तूने कहा है, ‘तेरा नाम मेरे चित्त में बसा है, और तुझ पर मेरे अनुग्रह की दृष्टि है।’ 13 और अब यदि मुझ पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि हो, तो मुझे अपनी गति समझा दे, जिससे जब मैं तेरा ज्ञान पाऊँ तब तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर बनी रहे। फिर इसकी भी सुधि कर कि यह जाति तेरी प्रजा है।" 14 यहोवा ने कहा, "मैं आप चलूँगा और तुझे विश्राम दूँगा।" 15 उसने उससे कहा, "यदि तू आप न चले, तो हमें यहाँ से आगे न ले जा। 16 यह कैसे जाना जाए कि तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर और अपनी प्रजा पर है? क्या इससे नहीं कि तू हमारे संग-संग चले33:16 तू हमारे संग-संग चले: केवल यही वह बात थी जो उन्हें अन्यजातियों से अलग बनाती थी।, जिससे मैं और तेरी प्रजा के लोग पृथ्वी भर के सब लोगों से अलग ठहरें?"

17 यहोवा ने मूसा से कहा, "मैं यह काम भी जिसकी चर्चा तूने की है करूँगा; क्योंकि मेरे अनुग्रह की दृष्टि तुझ पर है, और तेरा नाम मेरे चित्त में बसा है।"

Em outras traduções

  1. OHSS Hindi Contemporary Version

    12 मोशेह ने याहवेह से कहा, "आपने मुझे यह जवाबदारी दी कि इन लोगों को उस देश में ले जाऊं! लेकिन आपने मुझे यह नहीं बताया कि आप किसे मेरे साथ वहां भेजेंगे. और आपने यह आश्वासन भी दिया है कि तुम्हें तो मैं तुम्हारे नाम से जानता हूं और मेरा अनुग्रह तुम्हारे साथ है. 13 अब, मुझ पर आपका अनुग्रह हैं तो, मुझे आपकी गति समझा दीजिए, ताकि मैं आपको समझ सकूं तथा आपका अनुग्रह जो मुझ पर हैं, वह हमेशा रहे और यह भी याद रखे कि यह जाति भी आपके लोग है."

    14 याहवेह ने कहा, "तुम्हारे साथ मेरी उपस्थिति बनी रहेगी तथा मैं तुम्हें शांति और सुरक्षा दूंगा."

    15 यह सुन मोशेह ने कहा, "यदि आप हमारे साथ नहीं होंगे, तो हमें यहां से आगे नहीं जाने दें. 16 अब यदि आपकी उपस्थिति हमारे साथ नहीं रहेगी, तो सब लोग यह कैसे जानेंगे कि आपका अनुग्रह मुझ पर और इन लोगों के साथ है? और कौन सी ऐसी बात है जो हमें दूसरे लोगों के सामने अलग दिखाएगी?"

    17 याहवेह ने मोशेह से कहा, "मैं तुम्हारी इस बात को भी मानूंगा, जो तुमने मुझसे कही; क्योंकि तुम मेरे प्रिय हो और मेरा अनुग्रह तुम्हारे साथ हैं और तुम्हारा नाम मेरे ह्रदय में बसा है."

  2. HSB Hindi Standard Bible

    12 मूसा ने यहोवा से कहा, "देख, तू मुझसे कहता है, ‘इन लोगों को ले चल,’ परंतु तूने यह नहीं बताया कि मेरे साथ तू किसे भेजेगा। फिर भी, तूने कहा है, ‘मैं तुझे नाम से जानता हूँ, और तुझ पर मेरी कृपादृष्‍टि भी हुई है।’ 13 इसलिए मेरी विनती है कि यदि मुझ पर तेरी कृपादृष्‍टि हुई हो, तो मुझे अपने मार्ग समझा दे कि मैं तुझे जान सकूँ और तेरी दृष्‍टि में अनुग्रह पाऊँ। यह भी ध्यान रख कि ये लोग तेरी ही प्रजा हैं।" 14 यहोवा ने कहा, "मैं स्वयं तेरे साथ चलूँगा और तुझे विश्राम दूँगा।" 15 तब मूसा ने उससे कहा, "यदि तू स्वयं हमारे साथ न चले, तो हमें यहाँ से आगे न ले जा। 16 यह कैसे पता चलेगा कि तेरी कृपादृष्‍टि मुझ पर और अपनी प्रजा पर है? क्या इससे नहीं कि तू हमारे साथ-साथ चले, जिससे मैं और तेरी प्रजा उन सब लोगों से अलग ठहरें जो इस पृथ्वी पर हैं?"

    17 यहोवा ने मूसा से कहा, "मैं यह काम भी करूँगा, जिसके विषय में तूने कहा है; क्योंकि तुझ पर मेरी कृपादृष्‍टि हुई है, और मैं तुझे नाम से जानता हूँ।"

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