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यहेजकेल 20

इसएल ि

1 तवें वराँचवें महदसवें िइसएल ितनरनियहरशकरनआए, और मनगए2 तब यहयह वचन पहुँा: 3 "मनसन, इसएलरनिों यह कह, रभयहयह कहतै, झसरशकरनआए ो? रभयहयह ि वन गन, झसरशकरनओगे। 4 मनसन, उनककरा? उनककरा? उनकरखिउनें जते, 5 और उनसकह, रभयहयह कहतै: ििैंइसएल िा, और घरशपथ , और िें अपनउन पर रगट िा, और उनसशपथ कर कहा, ैं परमवर यहूँ, 6 उसिैंउनसयह शपथ , ि ैं ििलकर एक ें पहुँा, िैंििै; वह सब ों िमणि ै, और उसमें और मधबहतैं। 7 िैंउनसकहा, ििवसपर ें हर एक ें लगैं, उनें ेंो; और िरतों अपनअशकरो; ैं परमवर यहूँ। 8 परनझसिगडगए और ननी; ििवसपर उनकें लगीं, उनकिेंनहीं, और िरतों20:8 िरतों: अनिघटनदरैं ि िें अपरवइसएलिआदि गए े। ़ा।

"तब ैंकहा, ैं यहीं, िपर अपनजलजलहट भडा। और िा। 9 ैंअपनिि20:9 ैंअपनिि: अनयथिरविों यह रम ि यहउनें बचसकतपरनबचनहीं ा। ऐसिि िनके, और िनकखतैंउनकििकलनिअपनउन पर रगट िउन िों मनअपविठहरे। 10 ैं उनकििलकर गल ें आया। 11 वहाँ उनकैंअपनििाँ बतऔर अपनियम बति मनउनके, वह उनकरण िरहा। 12 िैंउनकिअपनिमदिठहरऔर उनकिठहरें; ि ें ि ैं यहउनकपविकरनूँ। 13 इसएल घरगल ें झसबलविा; ििों पर चले, और ियमों ा, िें यदि मनवह उनकरण िरहा; और उनोंिमदिों20:13 उनोंिमदिों: िवस अति अपवििा। गल ें ििवस रखनरण नहीं अपिउस िों एवपविकरनें - सतयनिउपसनएवसचििा। अति अपवििा।

"तब ैंकहा, ैं गल ें इन पर अपनजलजलहट भडकर इनकअनकर ूँा। 14 परनैंअपनििऐसिि उन िों मने, िनकखतैं उनकिा, अपविठहरे। 15 िैंगल ें उनसशपथ ि ैंउनकिा, और सब ों िमणि ै, िसमें और मधधरबहतैं, उसमें उनें पहुँा, 16 ोंि उनोंियम और ििों पर चले, और िमदिअपवििे; इसलिि उनकमन उनकरतों ओर लगरहा। 17 ैंउन पर ि ी, और उनें िा, और गल ें ि उनकअनकर ा।

18 "िैंगल ें उनकसनकहा, अपनरखििों पर चलो, उनकिों और उनकरतें जकर अपनअशकरो। 19 ैं परमवर यहूँ, ििों पर चलो, और ियमों ननें कसकरो, 20 और िमदिों पविि और िठहरें, और िससि ैं परमवर यहूँ। 21 परनउनकसनझसबलविा; ििों पर चले, ियमों ननें कसी; िें यदि मनवह उनकरण िरहा; िमदिों उनोंअपवििा।

"तब ैंकहा, ैं गल ें उन पर अपनजलजलहट भडकर अपनिखला। 22 ैंींिा, और अपनििऐसिा, ि उन िों मनिनकखतैं उनें िा, अपविठहरे। 23 िैंगल ें उनसशपथ , ि ैं ें ि-ि ें ितर-बितर करूँा, और श-दें ितरूँा, 24 ोंि उनोंियम े, ििों ा, िमदिों अपवििा, और अपनरखरतों ओर उनकें लगरहीं। 25 िैंउनकिऐसी-ऐसििाँ ठहरअचऔर ऐसी-ऐसिाँ िनकरण िरह सके; 26 अरअपनसब पहिों आग ें करनलगे; इस ि ैंउनें उनीं ेंों अशििससउनें िकर ूँ; और तब ें ि ैं यहूँ।

27 "मनसन, इसएल घरकह, रभयहयह कहतै: रखइसमें िि उनोंिसघिा। 28 ोंि जब ैंउनकउस ें पहुँा, िउनें शपथ ैंउनसी, तब हर एक और हर एक घनपर ि करकवहीं अपनलबलि करनलगे; और वहीं ििअपनेंें चढ़ालगऔर वहीं अपनखदयक गनध-दरवजललगे, और वहीं अपनतपवन लगे। 29 तब ैंउनसा, िो, उससरयजन ै? इसउसकआज तक कहलै। 30 इसलिइसएल घरकह, रभयहयह छतै: अपनरखि पर चलकर अशकर, और उनकिों अनयभििसमकरतो? 31 आज तक जब जब अपनेंें चढ़ाऔर अपनल-बचों करकआग ें चढ़ाो, तब-तब अपनरतों रण अशठहरतो। इसएल घरे, झसछनओगे? रभयहयह ै, वन शपथ झसछनओगे।

32 "मन ें आतै, हम और पतथर उपसक कर अनयजिों और श-दों समे,’ वह िाँि नहीं ी।

परमवर इसएल नरिकर

33 "रभयहयह कहतै, वन शपथ ैं िचय बलवनऔर बढ़ाे, और भडजलजलहट ऊपर करूँा। (ि. 21:6) 34 ैं बलवनऔर बढ़ाे, और भडजलजलहट ें श-दों ें अलग करूँा, और उन ों िनमें ितर-बितर गए े, इकटकरूँा; 35 और ैं ें श-दों गल ें कर, वहाँ आमने-मनकददमलड़ूँा। 36 िरकैं वजों िशरगल ें कददमलडा, उसरककददमलड़ूँा, रभयहयहै।

37 "ैं ें तलचला। और ें बनधन ें ूँा। 38 ैं ें सब ििों िलकर अपरकरतै; ें करूँा; और िें िकतैं उसमें ैं उनें िूँा; परनइसएल ें सनूँा। तब ि ैं यहूँ।

39 "इसएल घररभयहयह कहतै: कर अपनी-अपनरतों उपसनकरो; और यदि े, आगयहिकरो; परनपविअपनेंों और रतों िअपविकरना।

40 "ोंि रभयहयह ि इसएल घरअपनें पविपरवत पर, इसएल परवत पर, सब सब उपसनकरा; वहैं उनसरसना, और वहीं ैं उठेंें और चढ़ाउततम-उततम वसँ, और सब पविवसिकरूँा। 41 जब ैं ें श-दों ें अलग करूँ और उन ों िनमें ितर-बितर ो, इकटकरूँ, तब खदयक गननकर रहण करूँा, और अनयजिों मनपविठहरा। (यहे. 28:25) 42 जब ैं ें इसएल ें पहुँँ, िसकशपथ ैंवजों ी, तब ि ैं यहूँ। 43 वहाँ अपनचलन और अपनसब ों िनककरनअशमरण करे, और अपनसब ों रण अपनि ें िठहरे। 44 इसएल घरे, जब ैं चलन और िगड़े ों अननहीं, परनअपनििबरकरूँ, तब ि ें यहूँ, रभयहयहै।"

दकिवन ें आग

45 यहयह वचन पहुँा: 46 "मनसन, अपनदकिओर कर, दकिओर वचन ा, और दकिवन िषय ें भवियदकर; 47 और दकिवन कह, यहयह वचन , रभयहयह कहतै, ैं ें आग लगा, और ें हरे, े, ितनैं, सब वह भसकरी; उसकधधकती, और उसकरण दकिउततर तक सब लस े। 48 तब सब िों पड़ेि यह आग यहलगै; और वह कभी।" 49 तब ैंकहा, "परमवर यहा! िषय ें कहकरतैं ि वह कहननहीं ै?"

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