सब के साथ भलाई करें
1 हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को सम्भालो, और अपनी भी देख-रेख करो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। 2 तुम एक दूसरे के भार उठाओ6:2 तुम एक दूसरे के भार उठाओ: एक दूसरे के साथ रहें; आत्मिक जीवन में एक दूसरे की मदद करे।, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। 3 क्योंकि यदि कोई कुछ न होने पर भी अपने आपको कुछ समझता है, तो अपने आपको धोखा देता है। 4 पर हर एक अपने ही काम को जाँच ले6:4 हर एक अपने ही काम को जाँच ले: अपने आपको परमेश्वर के वचन से तुलना करे, जिसके द्वारा हमें अन्त के महान दिन में न्याय किया जाएगा।, और तब दूसरे के विषय में नहीं परन्तु अपने ही विषय में उसको घमण्ड करने का अवसर होगा। 5 क्योंकि हर एक व्यक्ति अपना ही बोझ उठाएगा।
जीवन खेत बोने जैसा है
6 जो वचन की शिक्षा पाता है, वह सब अच्छी वस्तुओं में सिखानेवाले को भागी करे।