Publicidade

Gênesis 1

ि इति

1 आदि ें परमवर आकऔर ि ी। (इबा. 1:10, इबा. 11:3) 2 और नसपड़ी ी, और गहरजल ऊपर िा; तथपरमवर आतजल ऊपर मणडरा। (2 ि. 4:6)

पहलिउजि

3 तब परमवर कहा, "उजिो,"1:3 "उजियाला हो," पहले दिन का कार्य उजियाले को अस्तित्व में लाना था। यहाँ स्पष्ट रूप से योजना, पिछले पद बताए गए एक दोष, अर्थात् अंधकार को दूर करना है। उजिगया। 4 और परमवर उजिि अच1:4 परमवर उजिि अचपरमवर अपनपर िकरतै, और उस उततमति वनकरतै।; और परमवर उजििअलग िा। 5 और परमवर उजििऔर िकहा। तथाँिइस रकपहलिगया।

सरिआक

6 िपरमवर कह1:6 िपरमवर कहा: इससहम यह खतैं ि वह वल ै, बलि ऐसअपनइचयककर सकतऔर अपनतचकर सकतै। वह वल अपनि रगट बलि वयअपनरगट करतै। , "जल एक ऐसअनतर ि जल " 7 तब परमवर एक अनतर करकउसकजल और उसकऊपर जल अलग-अलग िा; और गया। 8 और परमवर उस अनतर आककहा। तथाँिइस रकसरिगया।

सरिधरतऔर ़-

9 िपरमवर कहा, "आकजल एक ें इकटऔर ि िे," और गया। (2 पत. 3:5) 10 और परमवर ि कहा, तथजल इकटउसकउसनसमकहा; और परमवर ि अचै। 11 िपरमवर कहा, "हर, तथजवे-़, और फलदिनकउनीं ें एक-एक ि अनैं पर उगें," और गया। (1 ि. 15:38) 12 इस रकहर, और े-िनमें अपनी-अपनि अनै, और फलदिनकएक-एक ि अनउनीं ें ैं उगें; और परमवर ि अचै। 13 तथाँिइस रकसरिगया।

िरज, ाँऔर

14 िपरमवर कहा, "िअलग करनिआकअनतर ें िाँ ों; और िों, और ियत समयों, और िों, और वरों रण ों; 15 और िाँ आकअनतर ें पर रकठहरें," और गया। 16 तब परमवर बड़ी िाँ बनं; उनमें बड़ी ि िपर रभकरनिे, और ि पर रभकरनिबना; और गण बना। 17 परमवर उनकआकअनतर ें इसलिरखि पर रकें, 18 तथिऔर पर रभकरें और उजििअलग करें; और परमवर ि अचै। 19 तथाँिइस रकिगया।

ाँचवाँ िमछलिाँ और पक

20 िपरमवर कहा, "जल ििों बहभर , और पकऊपर आकअनतर ें उड़ें।" 21 इसलिपरमवर ि-ि बड़े-बड़े जल-जनी, और उन सब ििों ि चलतिरतैं िनसजल बहभर गयऔर एक-एक ि उडपकिों ि ी; और परमवर ि अचै। 22 परमवर यह कहकर उनकआश1:22 परमवर यह कहकर उनकआशी: आशअरमनकरनऔर यहाँ परमवर सनदरें इसकअरआशिअचकरनकला।, "ो-फलो, और समजल ें भर , और पकपर बढ़ें।" 23 तथाँिइस रकाँचवाँ िगया।

छठवाँ िि वजनऔर मन

24 िपरमवर कहा, "एक-एक ि िी, अरघरपशु, और ेंगनजनु, और वन पशु, ि-ि अनउतपनों," और गया। 25 इस रकपरमवर ि-ि वन-पशो, और ि-ि घरपशो, और ि-ि ि पर सब ेंगनजनबना; और परमवर ि अचै।

26 िपरमवर कहा, "हम मन1:26 मन: मननई रजि ै, वह िइस अनरकों िै। अपनवरअन1:26 अपने स्वरूप के अनुसार: अर्थात् अपनी समानता में। मनुष्य का स्वर्ग से सम्बंध है और इस पृथ्वी का कोई भी प्राणी नहीं है अपनसमनतें बनँ; और सममछलिों, और आकपकिों, और घरपशं, और पर, और सब ेंगनजनपर पर ेंगतैं, अधिरखें।" (ू. 3:9) 27 तब परमवर अपनवरें मनरचा, अपनवरें परमवर मनरचनी; नर और ें उसनमनों ि ी। (मत19:4, मर. 10:6, ि. 17:29, 1 ि. 11:7, ु. 3:10, 1 ु. 2:13) 28 और परमवर उनकआशी; और उनसकहा, "ो-फलो, और ें भर , और उसकअपनवश ें कर ो; और सममछलिों, तथआकपकिों, और पर ेंगनसब जनपर अधिरखो।" 29 िपरमवर उनसकहा, "ो, ितनजवे-ऊपर ैं और ितनों ें जवफल ैं, सब ैंिैं; जन िैं; (. 14:2) 30 और ितनपशु, और आकपकी, और पर ेंगनजनैं, िनमें वन ैं, उन सब िैंसब हरे-हरिैं," और गया। 31 तब परमवर बना, सब ा, ा, ि वह बहअचै। तथाँिइस रकछठवाँ िगया। (1 ु. 4:4)

Veja também

Bíblia Online Bíblia Online

Bíblia Online • Versão: 2026-07-05_19-25-13-