हागार और इश्माएल
1 अब्राम की पत्नी सारै के कोई सन्तान न थी: और उसके हागार नाम की एक मिस्री दासी थी। (गला. 4:22) 2 सारै ने अब्राम से कहा, "देख, यहोवा ने तो मेरी कोख बन्द कर रखी है16:2 मेरी कोख बन्द कर रखी है: प्राचीनकाल के लोगों का प्रत्येक बात में परमेश्वर की इच्छा और सामर्थ्य को जानना स्वाभाविक था। इसलिए मैं तुझ से विनती करती हूँ कि तू मेरी दासी के पास जा; सम्भव है कि मेरा घर उसके द्वारा बस जाए।" सारै की यह बात अब्राम ने मान ली। 3 इसलिए जब अब्राम को कनान देश में रहते दस वर्ष बीत चुके तब उसकी स्त्री सारै ने अपनी मिस्री दासी हागार को लेकर अपने पति अब्राम को दिया, कि वह उसकी पत्नी हो।