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अय्यूब 28

12 "परनि कहाँ िसकतै?

और समझ कहाँ ै?

13 उसकमननहीं,

वनलें वह कहीं नहीं िलती!

14 अथगर कहतै, वह ें नहीं ै,’

और समकहतै, वह नहीं ै।’

15 वह िनहीं ा।

और उसकिाँै।

16 उसकओपदन बरबरसकतै;

और अनमपतथर लमणि ी।

17 ा, ाँउसकबरबर ठहर सकतै,

दन गहनबदलवह नहीं िलती। (ि. 8:10)

18 ूँऔर फटिकमणि उसकआगचरा!

ि िअधिै।

19 पदमरउसकनहीं ठहर सकते;

और उससदन बरबरसकतै। (ि. 8:19)

20 िि कहाँ िसकतै?

और समझ कहाँ?

21 वह सब िों ों िै,

और आकपकिों खनें नहीं आती।

22 िऔर कहतैं,

हमनउसकचरै।’ (रका. 9:11)

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