23 जब सिपाही यीशु को क्रूस पर चढ़ा चुके, तो उसके कपड़े लेकर चार भाग किए, हर सिपाही के लिये एक भाग और कुर्ता भी लिया, परन्तु कुर्ता बिन सीअन ऊपर से नीचे तक बुना हुआ था; 24 इसलिए उन्होंने आपस में कहा, "हम इसको न फाड़ें, परन्तु इस पर चिट्ठी डालें कि वह किसका होगा।" यह इसलिए हुआ, कि पवित्रशास्त्र की बात पूरी हो, "उन्होंने मेरे कपड़े आपस में बाँट लिए और मेरे वस्त्र पर चिट्ठी डाली।" (भज. 22:18)
यीशु का अपनी माता के लिये प्रावधान
25 अतः सिपाहियों ने ऐसा ही किया। परन्तु यीशु के क्रूस के पास उसकी माता और उसकी माता की बहन मरियम, क्लोपास की पत्नी और मरियम मगदलीनी खड़ी थी। 26 यीशु ने अपनी माता और उस चेले को जिससे वह प्रेम रखता था पास खड़े देखकर अपनी माता से कहा, "हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है।" 27 तब उस चेले से कहा, "देख, यह तेरी माता है।" और उसी समय से वह चेला, उसे अपने घर ले गया।