12 क्योंकि मैं दुहाई देनेवाले दीन जन को,
और असहाय अनाथ को भी छुड़ाता था29:12 असहाय अनाथ को भी छुड़ाता था: अर्थात् किसी दरिद्र जन के पास वकील करने का साधन न हो और वह उसके पास अपना मुकद्दमा लेकर आया तो उसने उसे उसके शोषण कर्ता से मुक्ति दिलाई। ।
13 जो नाश होने पर था मुझे आशीर्वाद देता था,
और मेरे कारण विधवा आनन्द के मारे गाती थी।