अय्यूब का बिल्दद को उत्तर
1 तब अय्यूब ने कहा,
2 "मैं निश्चय जानता हूँ कि बात ऐसी ही है;
परन्तु मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में कैसे धर्मी ठहर सकता है9:2 मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में कैसे धर्मी ठहर सकता है: अर्थात् परमेश्वर की दृष्टि में मनुष्य को पूर्ण पवित्र नहीं माना जा सकता है। ?
3 चाहे वह उससे मुकद्दमा लड़ना भी चाहे
तो भी मनुष्य हजार बातों में से एक का भी उत्तर न दे सकेगा।
4 परमेश्वर बुद्धिमान और अति सामर्थी है:
उसके विरोध में हठ करके कौन कभी प्रबल हुआ है?