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Lamentações 4

िअधगति

1 गया, अतयनखरबदल गयै?

पविरसपतथर हर एक सडिपर ेंिगए ैं।

2 िउततम दन े,

बनिघड़ों समिगए ैं!

3 दड़िअपनबचों थन लगकर िै,

परनों वन ों िदयगई ै।

4 ध-पबचों ें िपट गई ै;

ल-बचाँगतैं, परनउनकनहीं ा।

5 िजन े, अब सडों ें िरतैं;

मखमल वसों ें पलअब ों पर टतैं।

6 ों अधरसदअधिगय

ििषण भर ें उलट गया।

7 उसकििमल और अधिउजजवल े;

उनकूँों अधि, और उनकदरतलमणि ी।

8 परनअब उनकधकअधिै, सडों ें पहचनहीं े;

उनकचमड़ा हडिों ें सट गया, और लकड़ी समगयै।

9 तलवअधिअच

िनकउपज िखतै।

10 दयिों अपनों अपनबचों पकै;

ों िसमय उनकआहबन गए

11 यहअपनजलजलहट रगट ी,

उसनअपनबहभडा;

और िें ऐसआग लगिसस

उसकींतक भसगई ै।

12 जगत ि

इसककभिकर सकता,

ि और शतयरशलटकों तर सने।

13 यह उसकभवियदवकों और उसकजकों अधरों रण ै;

ोंि उसकधरिों हतकरतआए ैं।

14 अब सडों ें सरे-िरतैं4:14 अब सडों ें सरे-िरतैं: परमवर वक िनकउसकिअभििगयनगर ें भटक रहनरसअदमलसकरउनकवसपरअशधती। ,

और लहींों यहाँ तक अशैं

ि उनकवसनहीं सकता।

15 उनकरकर कहतैं, "अरअशों, हट ! हट ! हमकमत "

जब गकर े-िरनलगे,

तब अनयजि ों कहा, "भविें यहाँ िकननहीं े।"

16 यहअपनउनें ितर-बितर ि4:16 यहअपनउनें ितर-बितर िा: शबदशअनै, परमवर उनें ितर-बितर िा- उन ििों भटकनपर िवश िऔर वह िउन पर दयि करा। , वह िउन पर दयि करा;

जकों सम, और रनिों पर अनरह िगया।

17 हमें यरसहयतहते-हतुँधलपडगई ैं,

हम लगएक ऐसि ओर कतरहबचनहीं सकी।

18 हमऐसपड़े ि हम अपननगर ों ें नहीं चल सके;

हमअनिकट आया; हमआय; ोंि हमअनगया।

19 हमखदआकउकों अधिचलते;

पह़ों पर हमपडगए और गल ें हमिलगकर गए

20 यहअभििहमा,

और िसकिषय हमनि अनयजिों हम उसकशरण ें िरहेंे,

वह उनकगडों ें पकड़ा गया।

21 एदी, ऊस ें रहतै, हरिऔर आननिरह;

परनयह कटतक पहुँा, और मतवकर अपनआपककरी।

22 िी, अधरदणसम, वह िआई ें एगा;

परनएदी, अधरदणवह ा, वह ों रगट कर ा।

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