Pular para o conteúdo
Publicidade

विलापगीत 1

उपदरव ें यरशल

1 नगरों भरपवह अब अकै!

वह ों एक िधवसमबन गई?

वह िों ि ें महऔर ों ें ी,

अब ों कर गई ै।

2 वह टकर ै, उसकों पर ढलकतैं;

उसकसब ों ें अब उसि नहीं ा;

उसकसब िों उससिसघिा,

और उसकशतबन गए ैं।

3 यहुःऔर कठिसतरण परदचलगई;

परनअनयजिों ें रहतवह नहीं ी;

उसकसब खदों उसकसकें उसपकडिै।

4 ििकर रहैं,

ोंि ियत परों ें नहीं आतै;

उसकसब टक नसपड़े ैं, उसकजक करहतैं;

उसकिाँ िैं,

और वह आप कठिुःरहै।

5 उसकरधगए, उसकशतउननति कर रहैं,

ोंि यहउसकबहअपरों रण उसुःिै;

उसकल-बचों शताँक-हाँककर आई ें गए

6 िरतरहै।

उसकिऐसिरनों समगए ैं िें चरनहीं िलती;

खदों मनबलहकर गतैं।

7 यरशले, इन ुःभरऔर कट िों ें,

जब उसकिों ें पड़े और उसकसहयक रहा,

अपनसब मनभवनवसनकउसकीं, मरण िै।

उसकिों उसकउजड़ा खकर उपहें उड़ाै।

8 यरशलबड़ा ि1:8 यरशलबड़ा िा: इसकिअनै, यरशलएक िै। इसकि टतें िरहतैं। , इसलिवह अशगई ै;

ितनउसकआदर करतउसकिदर करतैं,

ोंि उनोंउसकै;

ाँ, वह करहतुँै।

9 उसकअशधतउसकवसपर ै;

उसनअपनअनमरण रखा;

इसलिवह भयकर ि िगई,

और उसि नहीं ै।

यहा, ुःपर ि कर,

ोंि शतिसफल ै!

10 िों उसकसब मनभवनवसपर बढ़ाै;

ाँ, अनयजिों ो, िनकिषय ें आजि सभें ी,

उनकउसनपविरसें ै।

11 उसकसब िकरहतजनवसूँरहैं;

उनोंअपनबचिअपनमनभवनवसचकर जन िै।

यहा, ि कर, और ,

ोंि ैं गई ूँ।

12 सब बटिों, ें इस िनहीं?

ि करको, ुःबढकर और ़ा यहअपनिपर ै?

13 उसनऊपर हडिों ें आग लगै,

और उससभसगईं;

उसनों िलगा, और उलटिै;

उसनऐसिि ैं और लगिबल रहतूँ1:13 उसनऐसिि ैं .... ूँ: यहिएक िपशसमबचनें परनउसकवचन हर एक ें िऔर वह भयवहाँ टतै, ों ओर ििै।

14 उसनरसिों समअपरों अपनकसै;

उसनउनें बटकर गरदन पर चढ़ाा, और बल घटिै;

िनकैं मननहीं कर सकती, उनीं वश ें यहकर िै।

15 यहसब पररमों ा;

उसनियत पररचकरकों िि जवों े;

यहकनयहें ै। (रका. 14:20, रका. 19:15)

16 इन ों रण ैं ूँ;

ों बहतरहतै;

ोंि ििरण हरभरा, वह झसगया;

बचअकगए, ोंि शतरबल ै।

17 ि1:17 िै: वह थनकरतपरनििनतयरै। उसि नहीं ै, परमवर नहीं ोंि उसदणवहै; मनोंि उसकसब पड़ोउसकशतगयैं।, उसि नहीं ा;

यहिषय ें यह आजि उसकों ओर िउसकँ;

यरशलउनकअशसमगई ै।

18 यहसचपर ै, ोंि ैंउसकआजउलघन िै;

सब ों, ो, और ़ा ो! और िाँ आई ें चलगई ैं।

19 ैंअपनिों परनउनोंिा;

जब जक और रनिइसलिजनवसूँरहि उनकहर,

तब नगर ें उनकगए

20 यहा, ि कर, ोंि ैं कट ें ूँ,

तड़िाँ ैं, दय उलट गयै, ोंि ैंबहबलविै।

हर ैं तलविूँ;

और घर ें िरहै।

21 उनोंि ैं करहतूँ,

परनि नहीं ा।

सब शतिपति समै;

इससहरिगए ि यह िै।

परनििचररचकरकउसकिा,

तब समे।

22 उनकटतओर ि कर;

और अपरों रण दणिा, उनकदणे;

ोंि ैं बहकरहतूँ,

और दय िबल गयै।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também

Lamentações
Ver todos os capítulos de Lamentações