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लैव्यव्यवस्था 27

िकलिि

1 ियहकहा, 2 "इसएलिों यह कह ि जब िकले, कलिमनठहरअनयहोंे; 3 इसलियदि वह वरउससअधिऔर वरकम अवसो, उसकिपविरसअनपचाँठहरे। 4 यदि वह ो, ठहरे। 5 ियदि उसकअवसाँवरउससअधिऔर वरकम ो, लडि, और लडिदस ठहरे। 6 यदि उसकअवसएक महउससअधिऔर ाँवरकम ो, लडिाँ, और लडिठहरे। 7 ियदि उसकअवसवरउससअधिो, और वह उसकिपनरह , और दस ठहरे। 8 परनयदि इतनि जक ठहरसके, वह जक मनखड़ा ि, और जक उसकूँठहर, अरितनकलकरनसके, जक उसअनठहर

9 "ििपशें यहचढ़ाचढ़ाै, यदि ऐसों ें कलि, पशयहवह पविठहरा। 10 वह उसिरकबदले, वह बदलअचा, और अचबदले; और यदि वह उस पशबदलसरपशे, वह और उसकबदलों पविठहरेंे। 11 और िपशें यहिचढ़ानहीं चढ़ाऐसों ें यदि वह ो, वह उसकजक मनखड़ा कर े, 12 तब जक पशण-अवगों िकर उसकठहर; और ितनजक ठहरउसकउतनठहरे। 13 पर यदि कलकरनउसिरक़ाे, जक ठहरउसमें उसकाँचवाँ और बढ़ाकर े।

14 "ियदि अपनघर यहिपविठहरकर कलकरे, जक उसकण-अवगों िकर उसकठहर; और ितनजक ठहरउसकउतनठहरे। 15 और यदि घर पविकरनउस़ाे, ितनपयजक उसकठहरउसमें वह ाँचवाँ और बढ़ाकर े, तब वह घर उसरहा।

16 "ियदि अपनिि यहिपविठहरे, उसकइसकअनठहरे, ि उसमें ितनपड़ेा; ितनि ें भर पड़े उतनपचठहरे। 17 यदि वह अपनबलवरें पविठहर, उसकठहरअनठहरे; 18 और यदि वह अपनबलवरपविठहर, ितनवरसरबलवररहें उनीं अनजक उसकिपयिकरे, तब ितनिें आए उतनजक ठहरकम ो। 19 और यदि पविठहरउस़ाे, जक ठहरउसमें वह ाँचवाँ और बढ़ाकर े, तब उसरहा। 20 और यदि वह ़ाे, उसनउसकसरो, आगकभ़ा; 21 परनजब वह बलवरें े, तब ि अरपण िसमयहिपविठहरे, अरवह जक िि 22 ियदि अपनि, उसकिि ों ें ो, यहिपविठहर, 23 जक बलवरतक िकरकउस मनिितनठहरउतनवह यहिपविनकर उसिे। 24 बलवरें वह उसअधिें िससवह िगयि, अरिसकवह िि उसि25 िस-जिवसजक ठहरउसकपविरसिठहरे: ठहरे।

26 "परनघरपशपहला, पहलरण यहठहरै, उसकपविठहर; वह बछड़ा ो, बकरबचा, वह यहै। 27 परनयदि वह अशपशो, उसकपविठहरउसकजक ठहरअनउसकाँचवाँ और बढ़ाकर ़ा सकतै; और यदि वह ़ा, जक ठहरपर ि

28 "परनअपनवसें यहिअरपण कर27:28 यहिअरपण करे: िें इसकििअरै, उपयथक कर िगयऔर एक रकयहिगयिसमें दमनयतअदलबदलअधिनहीं।, मनपशु, उसकिि ो, ऐसअरपण वसऔर ़ा; अरपण िवह यहिपरमपविठहरे। 29 मनों ें दणिअरपण ि, वह ़ा; िचय वह

30 "िि उपज दशमां, वह ि फल, वह यहै; वह यहिपविठहरे। (मत23:23, 11:42) 31 यदि अपनदशमांें ़ाे, ाँचवाँ बढ़ाकर उसक़ा32 और य-बऔर ़-बकरिाँ, अरो-पशिननितलिकल ैं उनकदशमां, अरदस-दस एक-एक पशयहिपविठहरे। 33 उसकण-अवगिे, और उसकबदले; और यदि उसकबदल े, वह और उसकबदलों पविठहरें; और वह कभ़ा"

34 आजयहइसएलिों िपरवत पर ीं, ैं।

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