Pular para o conteúdo
Publicidade

Romanos 1

22 अपनआपकिजतकर बन गए, (ि. 10:14) 23 और अविपरमवर महिशवमन, और पकिों, और ों, और ेंगनजनरत समनतें बदल ा। (यव. 4:15-19, भज. 106:20)

24 इस रण परमवर उनें उनकमन अभिअनअशधतििा, ि आपस ें अपनशरों अनदर करें। 25 ोंि उनोंपरमवर सचबदलकर बना, और ि उपसनऔर ी, ि उस जनहसदधनै। आम(ि. 13:25, ि. 16:19)

26 इसलिपरमवर उनें मनवश ें िा; यहाँ तक ि उनकिों ियवहउससवभिै, बदल ा। 27 िों ियवहकर आपस ें कर जलनलगे, और ों ों िलजकरकअपनरम फल ा। (. 18:22, . 20:13)

Veja também