17 बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उनकी चिन्ता किया करो। 18 जहाँ तक हो सके, तुम भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो12:18 मेल मिलाप रखो: इस अभिव्यक्ति का यह तात्पर्य हैं कि यह हमेशा नहीं किया जा सकता है। फिर भी यह इच्छा होनी चाहिए।। 19 हे प्रियों अपना बदला न लेना; परन्तु परमेश्वर को क्रोध का अवसर दो, क्योंकि लिखा है, "बदला लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूँगा।" (व्यव. 32:35)
20 परन्तु "यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला,
यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला;
क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा।" (नीति. 25:21,22)
21 बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई को जीत लो।