7 पुराने समय में इस्राएल में छुड़ाने और बदलने के विषय में सब पक्का करने के लिये यह प्रथा थी, कि मनुष्य अपनी जूती उतार के दूसरे को देता था। इस्राएल में प्रमाणित इसी रीति से होता था।
14 तब स्त्रियों ने नाओमी से कहा, "यहोवा धन्य है, जिसने तुझे आज छुड़ानेवाले कुटुम्बी के बिना नहीं छोड़ा; इस्राएल में इसका बड़ा नाम हो। 17 और उसकी पड़ोसिनों ने यह कहकर, कि "नाओमी के एक बेटा उत्पन्न हुआ है", लड़के का नाम ओबेद4:17 ओबेद: अर्थात् सेवक उसने इस विचार से उसको यह नाम दिया कि वह अपनी दादी नाओमी की प्रेम से सेवा करेगा रखा। यिशै का पिता और दाऊद का दादा वही हुआ। (मत्ती 1:6)
22 और ओबेद से यिशै, और यिशै से दाऊद उत्पन्न हुआ। (मत्ती 1:4-6, लूका 3:31,32)