बेवा औरतों, बुज़ुर्गों और गुलामों के लिए हिदायतें।
1 किसी बड़े उम्र वाले को मलामत न कर, बल्कि बाप जान कर नसीहत कर; 2 और जवानों को भाई जान कर, और बड़ी उम्र वाली 'औरतों को माँ जानकर, और जवान 'औरतों को कमाल पाकीज़गी से बहन जानकर।
1 किसी बड़े उम्र वाले को मलामत न कर, बल्कि बाप जान कर नसीहत कर; 2 और जवानों को भाई जान कर, और बड़ी उम्र वाली 'औरतों को माँ जानकर, और जवान 'औरतों को कमाल पाकीज़गी से बहन जानकर।