67 और उस का बाप ज़करियाह रूह — उल — क़ुद्दूस से भर गया और नबुव्वत की राह से कहने लगा कि:
68 "ख़ुदावन्द इस्राईल के ख़ुदा की हम्द हो क्यूँकि
उसने अपनी उम्मत पर तवज्जुह करके
उसे छुटकारा दिया।
69 और अपने ख़ादिम दाऊद के घराने में
हमारे लिए नजात का सींग
निकाला,
70 (जैसा उसने अपने पाक नबियों की ज़बानी कहा था जो
कि दुनिया के शुरू' से होते आए है)
71 या’नी हम को हमारे दुश्मनों से और सब
बुग़्ज़ रखने वालों के हाथ से नजात बख़्शी।
72 ताकि हमारे बाप — दादा पर रहम करे और अपने
पाक 'अहद को याद फ़रमाए।
73 या’नी उस क़सम को जो उसने हमारे बाप
अब्रहाम से खाई थी,
74 कि वो हमें ये बख़्शिश देगा कि अपने
दुश्मनों के हाथ से छूटकर,
75 उसके सामने पाकीज़गी और रास्तबाज़ी
से उम्र भर बेख़ौफ़ उसकी इबादत करें
76 और ऐ लड़के तू ख़ुदा ता’ला का
नबी कहलाएगा
क्यूँकि तू ख़ुदावन्द की राहें तैयार करने को
उसके आगे आगे चलेगा,
77 ताकि उसकी उम्मत को नजात का 'इल्म बख़्शे
जो उनको गुनाहों की मु’आफ़ी से हासिल हो।
78 ये हमारे ख़ुदा की रहमत से होगा;
जिसकी वजह से 'आलम — ए — बाला का सूरज हम पर निकलेगा,
79 ताकि उनको जो अन्धेरे और मौत के साए में बैठे हैं रोशनी बख़्शे,
और हमारे क़दमों को सलामती की राह पर डाले।"