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Mateus 18

21 उस वक़्पतरस आकर उससकह"़ुवन, अगर करतरहे, ैं ितनमरतबउसु’आफकरूँ? तक?" 22 ईसउससकहा, "ैं नहीं कहति , बलि दफ़ा सततर तक"

23 "पस आसमदशउस दशतरह िसनअपनकरों िा। 24 और जब िलगउसकमनएक ़ििगया; िपर उसकदस हज़ााँिआते। 25 मगर ूँि उसकअदकरना; इसलिउसकििि, और इसकऔर बचऔर इसकसब और वसकर ि 26 पस कर िरकर उससजिऔर कहा, ़ुवनहलत े, ैं ़ा अदकरूँा।’ 27 उस कर ितरस कर उसिा, और उसकबख़्िा।"

28 "जब कर हर िकलउसकहम ़िदमतों ें एक उसकििपर उसकाँिआते। उसनउसकपकडकर उसकगलोंऔर कहा, आतअदकर े!’ 29 पस उसकहमख़िदमत उसकमनिरकर िनत और कहा, हलत े; ैं अदकर ूँा। 30 उसना; बलि कर उस़ैदख़ाें िा; ि जब तक अदकर ़ैरहे। 31 पस उसकहमख़िदमत खकर बहमग; और आकर अपनिसब ा; िा। 32 इस पर उसकिउसककर उससकहा, शरकर; ैं इसलिु’आफकर िा; ि िनत ी। 33 ा, ि ैं पर रहम िा; अपनहमख़िदमत पर रहम करता?’ 34 उसकि़ा कर उसकजलों हविा; ि जब तक तमअदकर ़ैरहे।"

35 "आसमइसतरह करा; अगर ें हर एक अपनिु’आफकरे।"

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