17 पस हमें बता तू क्या समझता है? क़ैसर को जिज़िया देना जायज़ है या नहीं?" 18 ईसा ने उन की शरारत जान कर कहा, "ऐ रियाकारो, मुझे क्यूँ आज़माते हो? 19 जिज़िए का सिक्का मुझे दिखाओ वो एक दीनार उस के पास लाए।" 20 उसने उनसे कहा "ये सूरत और नाम किसका है?" 21 उन्होंने उससे कहा, "क़ैसर का।" उस ने उनसे कहा, "पस जो क़ैसर का है क़ैसर को और जो ख़ुदा का है ख़ुदा को अदा करो।"
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