Pular para o conteúdo
Publicidade

गिनती 27

ि़ििां

1 तब मनसऔलघरों ें ि़ििि़्ििल’आद िमकिमनसिाँ, िनकमहलऔर ो’आह और जलऔर िलकऔर िरज़ाैं, आकर 2 ़ेइजितमा’दरव़े पर और इली’एलििऔर अमों और सब जमा’अत मनखड़ी और कहनलगीं ि; 3 "हमें मरा, िवह उन ों ें ििों़ोरह िकर ़ुवऩििउठा; बलि वह अपनें मरऔर उसका। 4 इसलिवजह हमउसकघरूँ िटन? इसलिहम हमइयों िो।" 5 उनकु’आमि़ुवनमनगया। 6 ़ुवनकहा, 7 "ि़ििाँ कहतैं; उनकउनकइयों िा, ा’उनकउनकिे। 8 और बनइसईल कह, ि अगर शख़्मर और उसको, उस उसका। 9 अगर उसको, उसकइयों उसका। 10 अगर उसकों, उसकउसकइयों ा। 11 अगर उसको, शख़्उसकघरें उसकसब िउसउसका; वह उसकिा। और यह बनइसईल ि, ़ुवनरमिा।"

यहइसएलिों रहनकरनि

12 ि़ुवनकहा, "'अबइस पहपर चढकर उस ो, ैंबनइसईल 'इनयत िे। 13 और जब उसा, अपनों ें अपनतरह िा। 14 ूँि गल ें जब जमा’अत झगड़ा िा, बरअकइसकि वहाँ चशपर ों उनकों मनतककरते, सरकशी।" यह वहमरचशदश़ािें ै। 15 ़ुवनकहि; 16 "़ुवनबशर ों ़ुा, िआदमइस जमा’अत पर रर करे; 17 िसकआमद रफ़्उनकमनऔर वह उनकहर और अनदर आनें उनकरहबर ो, ि ़ुवनजमा’अत उन ़ों तरह रहिनकचरवनहीं।" 18 ़ुवनकहा, "यशू’कर उस पर अपनरख, ूँि उस शख़्ें ै; 19 और उसइली’एलििऔर जमा’अत आगखड़ा करकउनकों मनउसवसयत कर20 और अपनबदउसबहरवर कर े, ि बनइसईल जमा’अत उसकरमबरदकरे। 21 वह इली’एलि' िआगखड़ा करे, उसकि़ुवनमन27:21 उरीम और तुमीम यह दोनों परस्तिश की चीजें हैं, (मुमकिन तोर से पत्थर या लकड़ी की तराशी हुई चीज़जैसे पासा या ठप्पा) जिस से सरदारकाहिन, हाँ यया नहीं का जवाब उस वक़्त हासिल करता थाजिस वक़्त उसे खुदा की मर्ज़ी जानने की ज़रुरत महसूस होती थी — यह मुक़द्दस कुरे’ थे जिन्हें सरदार काहिन अपने चमड़े की थैली में हमेशा रखता था ऊरदरि़्िकरा। उसकहनवह और बनइसईल जमा’अत िकलकरें, और उसकहनकरें।" 22 इसलि़ुवनि'अमल िा, और उसनयशू’कर उसइली’एलििऔर जमा’अत मनखड़ा िा; 23 और उसनअपनउस पर रखे, और ़ुवनउसकिउसवसयत ी।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também