20 आदमी की पेट उसके मुँह के फल से भरता है,
और वहअपने लबों की पैदावार से सेर होता है।
21 मौत और ज़िन्दगी ज़बान के क़ाबू में हैं,
और जो उसे दोस्त रखते हैं उसका फल खाते हैं।
20 आदमी की पेट उसके मुँह के फल से भरता है,
और वहअपने लबों की पैदावार से सेर होता है।
21 मौत और ज़िन्दगी ज़बान के क़ाबू में हैं,
और जो उसे दोस्त रखते हैं उसका फल खाते हैं।