15 तू पानी अपने ही हौज़ से और बहता पानी अपने ही चश्मे से पीना
16 क्या तेरे चश्मे बाहर बह जाएँ,
और पानी की नदियाँ कूचों में?
17 वह सिर्फ़ तेरे ही लिए हों,
न तेरे साथ गै़रों के लिए भी।
18 तेरा सोता मुबारक हो और तू अपनी जवानी की बीवी के साथ ख़ुश रह।
19 प्यारी हिरनी और दिल फ़रेब गजाला की तरह उसकी छातियाँ तुझे हर वक़्त आसूदह करें
और उसकी मुहब्बत तुझे हमेशा फ़रेफ्ता रखे।
20 ऐ मेरे बेटे, तुझे बेगाना 'औरत क्यों फ़रेफ्ता करे
और तू ग़ैर 'औरत से क्यों हम आग़ोश हो?