17 और अगर फ़र्ज़न्द हैं तो वारिस भी हैं या’नी ख़ुदा के वारिस और मसीह के हम मीरास बशर्ते कि हम उसके साथ दुःख उठाएँ ताकि उसके साथ जलाल भी पाएँ।
17 और अगर फ़र्ज़न्द हैं तो वारिस भी हैं या’नी ख़ुदा के वारिस और मसीह के हम मीरास बशर्ते कि हम उसके साथ दुःख उठाएँ ताकि उसके साथ जलाल भी पाएँ।