10 क्यूँकि कौन है जिसने छोटी चीज़ों के दिन की तहक़ीर की है?" क्यूँकि ख़ुदावन्द की वह सात आँखें, जो सारी ज़मीन की सैर करती हैं, खुशी से उस साहूल को देखती हैं जो ज़रुब्बाबुल के हाथ में है।"
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10 क्यूँकि कौन है जिसने छोटी चीज़ों के दिन की तहक़ीर की है?" क्यूँकि ख़ुदावन्द की वह सात आँखें, जो सारी ज़मीन की सैर करती हैं, खुशी से उस साहूल को देखती हैं जो ज़रुब्बाबुल के हाथ में है।"
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