प्रेम1 यदि मय आदमियों अऊर स्वर्गदूतों की बोली बोलू अऊर प्रेम नहीं रखू, त मय ठनठन बजन वाली घंटी, अऊर झंझनाती हुयी खंजरी आय।
प्रेम1 यदि मय आदमियों अऊर स्वर्गदूतों की बोली बोलू अऊर प्रेम नहीं रखू, त मय ठनठन बजन वाली घंटी, अऊर झंझनाती हुयी खंजरी आय।