51 १५:५१ १ थिस्सलुनीकियों ४:१५-१७ देखो, मय तुम सी भेद की बात कहू हय: हम सब नहीं मरबो, पर सब बदल जायेंन, 52 अऊर यो पल भर म, पलक मारतोच आखरी तुरही फूकतोच होयेंन। कहालीकि तुरही फूकी जायेंन अऊर मुर्दा अविनाशी दशा म उठायो जायेंन, अऊर हम बदल जाबो।
51 १५:५१ १ थिस्सलुनीकियों ४:१५-१७ देखो, मय तुम सी भेद की बात कहू हय: हम सब नहीं मरबो, पर सब बदल जायेंन, 52 अऊर यो पल भर म, पलक मारतोच आखरी तुरही फूकतोच होयेंन। कहालीकि तुरही फूकी जायेंन अऊर मुर्दा अविनाशी दशा म उठायो जायेंन, अऊर हम बदल जाबो।