मेम्ना अऊर ओको लोग
1 १४:१ प्रकाशितवाक्य ७:३ फिर मय न नजर करी, अऊर देख्यो, ऊ मेम्ना सिय्योन पहाड़ी पर खड़ो हय, अऊर ओको संग एक लाख चौवालीस हजार लोग हंय, जिन्को मस्तक पर ओको अऊर ओको बाप को नाम लिख्यो हुयो हय। 2 अऊर स्वर्ग सी मोख एक असो आवाज सुनायी दियो जो पानी को झरना अऊर बड़ो गर्जन को जसो आवाज होतो, अऊर जो आवाज मय न सुन्यो ऊ असो होतो मानो संगीतकारों संगीत बजाय रह्यो हंय। 3 हि सिंहासन को सामने अऊर चारयी प्रानियों अऊर बुजूर्ग लोग को सामने एक नयो गीत गाय रह्यो होतो। उन एक लाख चौवालीस हजार लोग ख छोड़ क, जो धरती पर सी मोल ले क छुड़ायो गयो होतो, उन्ख छोड़ दूसरों कोयी भी लोग ऊ गीत ख सीख नहीं सकत होतो। 4 हि असो लोग होतो जिन्न कोयी बाई को संसर्ग सी अपनो आप ख अशुद्ध नहीं करयो होतो। कहालीकि हि कुंवारो होतो, जित कहीं मेम्ना जात होतो हि ओको अनुसरन करत होतो पूरी मानव जाती सी उन्ख मोल ले क छुड़ायो गयो होतो। हि परमेश्वर अऊर मेम्ना को लायी फसल को पहिलो फर होतो। 5 उन्को मुंह सी कभी झूठ नहीं निकल्यो होतो, हि निर्दोष हंय।