36 याफा म तबीता यानेकि दोरकास नाम को एक विश्वासिनी रहत होती। वा बहुत सो अच्छो अच्छो काम अऊर दान करत होती। 37 उन दिन म वा बीमार होय क मर गयी; अऊर उन्न ओख नहलाय क ऊपर को कमरा म रख दियो। 38 येकोलायी कि लुद्दा याफा को जवर होतो, चेलां न यो सुन क कि पतरस उत हय, दोय आदमी भेज क ओको सी बिनती करी, "हमरो जवर आवनो म देर मत कर।" 39 तब पतरस उठ क उन्को संग भय गयो, अऊर जब ऊ पहुंच्यो त हि ओख वा ऊपर को कमरा म लिजायो। पूरी विधवा रोवती हुयी ओको जवर आय क खड़ी भयी, अऊर जो कुरता अऊर कपड़ा दोरकास न उन्को संग रहतो हुयो बनायो होतो, दिखान लगी।