14जो कुछ करय हय प्रेम सी करो।
20सब विश्वासियों को तरफ सी तुम ख नमस्कार।मसीह को प्रेम सी एक दूसरों ख गरो लगाय क आपस म नमस्कार करो।
24मोरो प्रेम मसीह यीशु म तुम सब को संग रहे। आमीन।
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14जो कुछ करय हय प्रेम सी करो।
20सब विश्वासियों को तरफ सी तुम ख नमस्कार।मसीह को प्रेम सी एक दूसरों ख गरो लगाय क आपस म नमस्कार करो।
24मोरो प्रेम मसीह यीशु म तुम सब को संग रहे। आमीन।
7हे प्रियो, हम आपस म प्रेम रखबो; कहालीकि प्रेम परमेश्वर सी हय। जो कोयी प्रेम करय हय, ऊ परमेश्वर सी जनम्यो हय अऊर परमेश्वर ख जानय हय।
16जो प्रेम परमेश्वर हम सी रखय हय, ओख हम जान गयो अऊर हम्ख ओको विश्वास हय। परमेश्वर प्रेम हय, अऊर जो प्रेम म बन्यो रह्य हय ऊ परमेश्वर म बन्यो रह्य हय, अऊर परमेश्वर ओको म बन्यो रह्य हय।
18पूरो प्रेम म डर नहीं होवय, बल्की सिद्ध प्रेम डर ख दूर कर देवय हय; कहालीकि डर को सम्बन्ध सजा सी होवय हय, अऊर जो डर करय हय ऊ प्रेम म पूरो नहीं भयो।
14यत्तीर, एश्तमो,
15होलोन, दबीर,
18अनातोत अऊर अल्मोन।
1एक दूसरों म भाईचारा की प्रेम बन्यो रहे।
2अनजानो लोगों को सत्कार करनो मत भूलो। कहालीकि स्वर्गदूतों को आदर सत्कार करयो हय।
25तुम सब पर परमेश्वर को अनुग्रह होतो रहे। आमीन।
3हसर्शआल, बाला, एसेम,
36अदामा, रामा, हासोर,
43एलोन, तिम्ना, एक्रोन,
22कीना, दीमोना, अदादा,
29बाला, इय्यीम, एसेम,
50अनाब, एशतमो, आनीम,