20सब विश्वासियों को तरफ सी तुम ख नमस्कार।मसीह को प्रेम सी एक दूसरों ख गरो लगाय क आपस म नमस्कार करो।
22यदि कोयी प्रभु सी प्रेम नहीं रखय त ओको पर हाय।हे हमरो प्रभु, आव!
24मोरो प्रेम मसीह यीशु म तुम सब को संग रहे। आमीन।
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20सब विश्वासियों को तरफ सी तुम ख नमस्कार।मसीह को प्रेम सी एक दूसरों ख गरो लगाय क आपस म नमस्कार करो।
22यदि कोयी प्रभु सी प्रेम नहीं रखय त ओको पर हाय।हे हमरो प्रभु, आव!
24मोरो प्रेम मसीह यीशु म तुम सब को संग रहे। आमीन।
3हसर्शआल, बाला, एसेम,
36अदामा, रामा, हासोर,
43एलोन, तिम्ना, एक्रोन,
7हे प्रियो, हम आपस म प्रेम रखबो; कहालीकि प्रेम परमेश्वर सी हय। जो कोयी प्रेम करय हय, ऊ परमेश्वर सी जनम्यो हय अऊर परमेश्वर ख जानय हय।
11हे प्रियो, जब परमेश्वर न हम सी असो प्रेम करयो, त हम ख भी आपस म प्रेम रखनो चाहिये।
16जो प्रेम परमेश्वर हम सी रखय हय, ओख हम जान गयो अऊर हम्ख ओको विश्वास हय। परमेश्वर प्रेम हय, अऊर जो प्रेम म बन्यो रह्य हय ऊ परमेश्वर म बन्यो रह्य हय, अऊर परमेश्वर ओको म बन्यो रह्य हय।
12अधर्म को बढ़नो सी बहुत सो को प्रेम कम होय जायेंन,
28 २४:२८ लूका १७:३७ "जित लाश हय, उत गिधाड़ जमा होयेंन।"
35आसमान अऊर धरती टल जायेंन, पर मोरी बाते कभी नहीं टलेंन।"
14यत्तीर, एश्तमो,
15होलोन, दबीर,
18अनातोत अऊर अल्मोन।
7उन्न पर्शन्दाता, दल्पोन, अस्पाता,
8पोराता, अदल्या, अरीदाता,
9पर्मशता, अरीसै, अरीदै अऊर वैजाता,
9विश्वास म मजबूत होय क, अऊर यो जान क ओको सामना करो कि तुम्हरो भाऊ जो जगत म हंय असोच दु:ख सह रह्यो हंय।
11ओकोच साम्राज्य हमेशा हमेशा रहे। आमीन।
14एक दूसरों ख प्रेम सी गलो लगाय क नमस्कार करो। जो सब मसीह म हय शान्ति मिले।
4प्रेम धीरजवन्त हय, अऊर दयालु हय; प्रेम जलन नहीं करय; प्रेम अपनी बड़ायी नहीं करय, अऊर अपनो आप म फूलय नहाय,
8प्रेम कभी टलय नहाय; परमेश्वर को तरफ सी आवन वालो सन्देश हय त खतम होय जायेंन; अज्ञात भाषा हय त जाती रहेंन, ज्ञान हय, त मिट जायेंन।
13पर अब विश्वास, आशा, प्रेम यो तीन हंय, पर इन म सब सी बड़ो प्रेम हय।
22शेम को बेटां : एलाम, अश्शूर, अर्पक्षद, लूद अऊर अराम भयो
23अराम को बेटां : ऊस, हूल, गेतेर अऊर मश भयो।
28ओबाल, अबीमाएल, शबा