8 कोयी अकेलो रह्य हय अऊर ओको कोयी नहाय; न ओको टुरा हय, न भाऊ हय तब भी ओको परिश्रम को अन्त नहीं होवय; न ओकी आंखी धन सी सन्तुष्ट होवय हंय; अऊर न ऊ कह्य हय, मय कोन्को लायी मेहनत करतो अऊर अपनो जीवन ख सुख शान्ति सी दूर रखू हय? यो भी बेकार अऊर दु:ख भरयो काम हय।