25 ५:२५ कुलुस्सियों ३:१९; १ पतरस ३:७ हे पतियों, तुम अपनी पत्नियों सी उच तरह प्रेम रखो, जो तरह मसीह न मण्डली सी प्रेम करयो अऊर येकोलायी अपनो जीवन दियो। 26 जेकोसी ऊ ओख वचन को द्वारा मण्डली ख समर्पित करयो, जसो पानी सी शुद्ध कर क् पवित्र बनाय सके, 27 अऊर ओख एक असी शुद्ध मण्डली बनाय क अपनो जवर खड़ी करे, जेको म दाग नहीं हो, नहीं झुर्री नहीं कोयी कमतर्ता हो बल्की पवित्र अऊर निर्दोष हो। 28 योच तरह उचित हय कि पति अपनी पत्नी सी अपनो खुद को शरीर को जसो प्रेम रखे। जो अपनी पत्नी सी प्रेम रखय हय, ऊ अपनो आप सी प्रेम रखय हय। 29 कहालीकि कोयी न कभी अपनो शरीर सी दुश्मनी नहीं रख्यो बल्की ओको पालन–पोषन करय हय, जसो मसीह भी मण्डली को करय हय।