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João 2

नगर ि

1 िसरिगलरदनगर एक िो, अऊर उत ी। 2 अऊर ओकििमनिो। 3 जब ररस खतम भय गयो, ओककहो, "उनजवर रस नहीं रहो।"

4 उततर ि", करनहय मत बतो? अभसमय नहीं आयो।"

5 वकों कहो, "कहें, उच करो।"

6 उत यहिों करन ि अनघड़ा रखो, टर समवत ो। 7 वकों कहो, "घड़ा भर ो।" उनउनलबलब भर िो। 8 तब ओन उनकहो, "़ो ििजवर ो।" अऊर ि गयो। 9 जब िचखो, ररस बन गयअऊर नहीं नत ि िआयहय पर िवकों िि नत ो, िो, 10 अऊर ओककह"हर एक आदमपहिअचररस वय हय, अऊर जब सनवय , तब िवय हय; पर तय अचररस अभतक रखहय"

11 गलनगर अपनपहििचमतिअपनमहिरगट करअऊर ओकों ओकपर िकरयो।

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