Pular para o conteúdo
Publicidade

लूका 2

मनि

41 य-बहर फसह यरशलो। 42 जब भयो, ि ि अनयरशलगयो। 43 जब ि उन िकर टन लगो, बचयरशलरह गयो; अऊर ओकय-बनहीं नत ो। 44 उनि सरों िों ा, एक िििकल गयो: अऊर ओख अपनिों अऊर न-पहिूंढन लगो। 45 पर जब नहीं िो, ूंढत-ढूंढत यरशलिगयो, 46 अऊर िउनओख मनियहिषकों ो, अऊर उननत अऊर उनरशकरतो। 47 ितनओकरहो, ि सब ओकिउततरचकिो। 48 तब ि ओख चकिभयअऊर ओकओककहो, "ा, तय हम कहअसयवहकरयो? , अऊर मय िकरतूंढत ो?"

49 ओन उनकहो, "कहूंढत ो? नहीं नत ि अपनभवन जरहय?" 50 पर ओन उनकहीं, उनओख नहीं समझो।

51 तब उनगयो, अऊर सरत आयो, अऊर उनवश रहो; अऊर ओकसब अपनमन रखी। 52 अऊर शरअऊर ि करी, अऊर परमवर अऊर आदमिों अनरह बढगयो।

Veja também