29 का एक पैसा म दोय पक्षी नहीं बिकय? तब भी तुम्हरो स्वर्गीय पिता की इच्छा को बिना उन्म सी एक भी धरती पर नहीं गिर सकय। 30 तुम्हरो मुंड को सब बाल भी गिन्यो हुयो हंय। 31 येकोलायी डरो मत; तुम बहुत सी पक्षी सी बहुत महत्वपूर्ण हय।
29 का एक पैसा म दोय पक्षी नहीं बिकय? तब भी तुम्हरो स्वर्गीय पिता की इच्छा को बिना उन्म सी एक भी धरती पर नहीं गिर सकय। 30 तुम्हरो मुंड को सब बाल भी गिन्यो हुयो हंय। 31 येकोलायी डरो मत; तुम बहुत सी पक्षी सी बहुत महत्वपूर्ण हय।