18 १५:१८ मत्ती १२:३४पर जो कुछ मुंह सी निकलय हय, ऊ मन सी निकलय हय, अऊर उच आदमी ख अशुद्ध करय हय। 19 कहालीकि बुरो बिचार, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही अऊर निन्दा यो मन सीच निकलय हय।
18 १५:१८ मत्ती १२:३४पर जो कुछ मुंह सी निकलय हय, ऊ मन सी निकलय हय, अऊर उच आदमी ख अशुद्ध करय हय। 19 कहालीकि बुरो बिचार, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही अऊर निन्दा यो मन सीच निकलय हय।