यहूदा की मृत्यु
3 २७:३ प्रेरितों १:१८-१९ जब ओको सौंपन वालो यहूदा न देख्यो कि ऊ दोषी ठहरायो गयो हय त ऊ पछतायो अऊर हि तीस चांदी को सिक्का मुख्य याजकों अऊर बुजूर्गों को जवर वापस देन गयो 4 अऊर कह्यो, "मय न निर्दोष ख मारन लायी सौंप क पाप करयो हय!"
उन्न कह्यो, "हम्ख ओकी का परवाह हय? उन्न जवाब दियो। अपनो तयच देख ले।"
5 तब ऊ उन सिक्का ख मन्दिर म फेक क चली गयो, अऊर जाय क अपनो आप ख फासी दे दियो।