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Mateus 5

धनवचन

3 "धनि, मन नरम हय,

कहि वरउनहय"

4 "धनि, करय हय,

कहि ि समें"

5 "धनि, नम,

कहि ि धरतसदें"

6 "धनि, सचअऊर ,

कहि ि सनकरयें"

7 "धनि, दय,

कहि उन पर दयकरयें"

8 "धनि, िमन ,

कहि ि परमवर ें"

9 "धनि, िकरवन ,

कहि ि परमवर बचां कहलें"

10 ५:१० १ पतरस ३:१४ "धनि, सचवजह सतवय ,

कहि वरउनआय"

11 ५:११ १ पतरस ४:१४ "धनहय , जब आदमवजह हरिकरें, अऊर सतअऊर हरिसब तरह कहें12 ५:१२ प्रेरितों ७:५२तब अऊर मगन ो, कहि हरवरबड़ो रतिफल हयि उनउन भवियवकों पहिि सतो।"

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