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मत्ती 5

44 पर मय कहहय ि अपनमनों रखजअऊर अपनसतवन थनकरजो। 45 अपनवरिसनबन सककहि भलअऊर पर अपनरज उगवय हय, अऊर सचअऊर पर बरसवय हय

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