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Romanos 14

12 हम हर एक परमवर अपने।

एक अऊर पतन रन मत बन

13 हम एक सरों करनबनकरअऊर बदलिचय करि, अपनमनकर कर पढवजह मत बनो। 14 रभएक वजह नय हय, जन अपनआप अशनहीं, पर ओख अशसमझय हय ओकअशहय

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