Pular para o conteúdo
Publicidade

Tito 2

11 कहि परमवर अनरह रगट हय, सब आदमिों उदवजह हय, 12 अऊर अनरह हमिवय हय ि हम अभकि अऊर ांिअभिों अऊर िि, उचिअऊर भकिमय वन जगत े। 13 अऊर धनआशमतलब अपनमहपरमवर अऊर उदरकरमसमहिरगट खतरहे। 14 २:१४ १ पतरस २:९अपनआप हमरिि हमहर तरह ों ़ाे, अऊर हमओकबनअऊर हम अचो-अचों ततपर रहे।

Veja também

Tito
Ver todos os capítulos de Tito