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Tito 2

3 तरह ईयां चलन पविों जसो; िदक नहीं बने, यसन ि लत उननहीं ो, पर अचिवन 4 ि ि जवईयों वनरहेंि अपनपतिों अऊर बचरखे; 5 अऊर िि, पवि, अपनघर खर, दयअऊर अपनपति अधरहन बने, ि परमवर तरफ आवन वचन िनहीं करे।

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