5 एकोलाने जब तक प्रभु नी आये हे उ बखत से पहले कुई बात हुन ख फैसला नी करे उ अन्धकार कि छुपी बात हुन ज्योति म दिखाए, अऊर मन हुन ख अभिप्राय ख देखागो करेगों, तब परमेस्वर कि तरफ से हर एक कि स्वगत होय।
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5 एकोलाने जब तक प्रभु नी आये हे उ बखत से पहले कुई बात हुन ख फैसला नी करे उ अन्धकार कि छुपी बात हुन ज्योति म दिखाए, अऊर मन हुन ख अभिप्राय ख देखागो करेगों, तब परमेस्वर कि तरफ से हर एक कि स्वगत होय।