15 अगर जो अदमी विस्वास नी रख, हैं पर उ अलग होव हैं ते अलग हो दूई, असी मजबूरी म कई भई या बहिन बन्धन म नी। परमेस्वर न हम ख मेल मिलाप का लाने बुलायो गयो हैं। 16 काहेकि हे पोरी, तू का मालू हैं कि तू अपनो घरवालो को उध्दार करा दे? अर हे अदमी, तो का मालू हैं तू अपनी घरवाली को उध्दार करा दे हे?
Publicidade
Publicidade